Bajrang Baan Lyrics In Hindi & English -: This bhajan lyrics written by Traditional bhajan sung by Jubin Nautiyal while music given by Prasanna Suresh in Bajrang Baan Bhajan.


बजरंग बाण | Bajrang Baan Lyrics - Jubin Nautiyal

Bajrang Baan Video 



Bajrang Baan Lyrics In Hindi


दोहा निश्चय प्रेम प्रतीति ते, विनय करैं सनमान ।तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करें हनुमान ॥


जय हनुमन्त संत हितकारी ।


सुन लीजै प्रभु अरज हमारी ।।


जन के काज बिलम्ब न कीजै ।


आतुर दौरि महासुख दीजै ।।


जैसे कूदी सिन्धु महि पारा ।


सुरसा बदन पैठी विस्तारा ।।


आगे जाय लंकिनी रोका ।


मारेहु लात गई सुर लोका ।।


जाय विभीषण को सुख दीन्हा ।


सीता निरखि परम-पद लीना ।।


बाग उजारि सिन्धु मह बोरा ।


अति आतुर जमकातर तोरा ।।


अक्षय कुमार मारि संहारा ।


लूम लपेटि लंक को जारा ।।


लाह समान लंक जरि गई ।


जय-जय धुनि सुरपुर में भई ।।


अब बिलम्ब केहि कारन स्वामी ।


कृपा करहु उर अन्तर्यामी ।।


जय जय लखन प्रान के दाता ।


आतुर होई दु:ख करहु निपाता ।।


जै गिरिधर जै जै सुख सागर ।


सुर-समूह-समरथ भट-नागर॥


ओम हनु हनु हनु हनुमंत हठीले ।


बैरिहि मारु बज्र की कीले॥


गदा बज्र लै बैरिहि मारो ।


महाराज प्रभु दास उबारो ।।


ओंकार हुंकार महाप्रभु धाओ ।


बज्र गदा हनु विलम्ब न लाओ ।।


ओम ह्नीं ह्नीं ह्नीं हनुमंत कपीसा ।


ओम हुं हुं हुं हनु अरि उर-सीसा॥


सत्य होहु हरी शपथ पायके ।


राम दूत धरु मारू जायके


जय जय जय हनुमन्त अगाधा ।


दुःख पावत जन केहि अपराधा ।।


पूजा जप-तप नेम अचारा ।


नहिं जानत हो दास तुम्हारा ।।


वन उपवन मग गिरि गृह मांहीं ।


तुम्हरे बल हम डरपत नाहीं ।।


पायं परौं कर जोरी मनावौं ।


येहि अवसर अब केहि गोहरावौं ।।


जय अंजनी कुमार बलवंता ।


शंकर सुवन वीर हनुमंता ।।


बदन कराल काल कुलघालक।


राम सहाय सदा प्रतिपालक ।।


भूत प्रेत पिसाच निसाचर।


अगिन वैताल काल मारी मर ।।


इन्हें मारु, तोहि शपथ राम की ।


राखउ नाथ मरजाद नाम की ।।


जनकसुता हरि दास कहावो ।


ताकी शपथ विलम्ब न लावो ।।


जै जै जै धुनि होत अकासा ।


सुमिरत होत दुसह दुःख नासा ।।


चरण शरण कर जोरि मनावौं ।


यहि अवसर अब केहि गोहरावौं ।।


उठु उठु चलु तोहि राम-दोहाई ।


पायँ परौं, कर जोरि मनाई ।।


ओम चं चं चं चं चपल चलंता ।


ओम हनु हनु हनु हनु हनुमन्ता ।।


ओम हं हं हाँक देत कपि चंचल ।


ओम सं सं सहमि पराने खल-दल ।।


अपने जन को तुरत उबारौ ।


सुमिरत होय आनंद हमारौ ।।


यह बजरंग बाण जेहि मारै।


ताहि कहो फिर कोन उबारै ।।


पाठ करै बजरंग बाण की ।


हनुमत रक्षा करैं प्रान की ।।


यह बजरंग बाण जो जापैं ।


ताते भूत-प्रेत सब कापैं ।।


धूप देय अरु जपै हमेशा ।


ताके तन नहिं रहै कलेसा ।।


दोहा : प्रेम प्रतीतिहि कपि भजै, सदा धरै उर ध्यान ।


तेहि के कारज सकल सुभ, सिद्ध करैं हनुमान ।।



Bajrang Baan Lyrics In English 




Bajrang Baan Bhajan Details 


Song

Bajrang Baan

Lyrics

Traditional 

Music

 Prasanna Suresh    

Singer

 Jubin Nautiyali  

Lable

 T-Series